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प्रकाशक
वर्जिन साहित्यपीठ
78, अजय पार्क, गली नंबर 7, नया बाजार,
नजफगढ़, नयी दिल्ली 110043



सर्वाधिकार सुरक्षित
प्रथम संस्करण - अप्रैल 2018
ISBN


कॉपीराइट © 2018
वर्जिन साहित्यपीठ




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श्रीरामचरितमानस

एक वृहद विश्लेषण






लेखिका
डॉ विदुषी शर्मा









डॉ विदुषी शर्मा

9811 702001 neerjasharma98@gmail.com



पता:

(एल) l - 108 ऋषि नगर रानी बाग दिल्ली 11034

शिक्षा:

M.A, M.PHIL, PH.D PRABHAKR, B.ED



वर्तमान स्थिति:

दिल्ली स्टेट की जनरल सेक्रेटरी इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स आर्गेनाईजेशन।



संप्रति:

स्वतंत्र लेखन



Blog:

http://educationalvidushi.blogspot.in





रिसर्च पब्लिकेशंस - 11

विभिन्न राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में भागीदारी तथा शोधपत्र वाचन जिनमें कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में "गीता जयंती समारोह" में राष्ट्रपति महोदय के सामने "आमंत्रित वक्ता" होने का गौरव प्राप्त, तथा दिल्ली के विज्ञान भवन में हिंदी संस्कृत अकादमी की तरफ से तीन दिवसीय सेमिनार में प्रस्तुति।

राष्ट्रीय पुरस्कार "शिक्षक भूषण", शिक्षक विकास परिषद शिरोधा, गोवा की तरफ से, "ग्रेट नेशनल अवार्ड" प्रतिमा रक्षा सम्मान समिति करनाल, हरियाणा की तरफ से।

प्रथम "पुस्तक समीक्षा सम्मान" हिंदुस्तानी भाषा अकादमी की तरफ से विश्व पुस्तक मेला 2018 तथा कुल (अवार्ड) सम्मान समारोह --29

"जनकृति" अंतर्राष्ट्रीय पत्रिका में शोध आलेख प्रकाशित

"हस्ताक्षर" अंतर्राष्ट्रीय पत्रिका में सामाजिक आलेख प्रकाशित

चीन की एकमात्र पत्रिका "संचेतना" में रचना प्रकाशनाधीन



कनाडा की एकमात्र हिंदी पत्रिका "सेतू" में आलेख "मुट्ठी भर ज़िन्दगी" प्रकाशित



कुल शोध प्रकाशन - 11

अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों में पत्र वाचन सहित सहभागिता - 12

राष्ट्रीय सम्मेलनों में पत्रवाचन सहित सहभागिता - 15

सम्मान Awards प्राप्त - 7



सदस्यता

युवा शक्ति मंच झज्जर, हरियाणा

हिंदुस्तानी भाषा अकादमी, दिल्ली

नवप्रभात जन सेवा संस्थान, लखनऊ, दिल्ली

एनवायरनमेंट एंड सोशल वेलफेयर सोसाइटी, खजुराहो

विधि भारती परिषद्, दिल्ली

ग्रीन केयर सोसाइटी मेरठ

WARS ARTIUM - An International Research Journal of Humanities and social Sciences (Saudi Arabia)

WAAR - World Association of Authors and Researchers (Saudi Arabia)





श्रीरामचरितमानस: एक वृहद विश्लेषण



श्लोक



वर्णानामर्थसंघानां रसानां छन्दसामपि।

मङ्गलानां कर्त्तारौ वन्दे वाणीविनायकौ॥1

भवानीशङ्करौ वन्दे श्रद्धाविश्वासरूपिणौ।

याभ्यां विना पश्यन्ति सिद्धाःस्वान्तःस्थमीश्वरम्॥





















परिचय



श्रीरामचरितमानस अवधी भाषा में तुलसीदास जी के द्वारा 16वीं शताब्दी में रचित एक महाकाव्य है। श्रीरामचरितमानस भारतीय संस्कृति में एक विशेष व अनूठा स्थान रखता है। यह सत्य सनातन धर्म का द्योतक भी कहा जा सकता है। सनातन धर्मी किसी भी भारतीय के घर में श्रीरामचरितमानस उपलब्ध ना हो ऐसा हो ही नहीं सकता। रामचरितमानस ऐसा महाकाव्य है जो जीवन और संघर्ष का परिचायक है। इसलिए जीवन में 'जीवन्तता' बनाए रखते हुए संघर्ष की प्रेरणा देने हेतु श्रीरामचरितमानस जनमानस का मुक्ति मार्ग प्रशस्त करता है।


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